सानिया शोएब की शादी में उलझा हुआ है देश
इधर नक्सलियों के हमलो में रह जा रहे जवान खेत
सायद हमें आदत सी हो गयी है ,सच को यु छुपाने की
हर इक हमले के बाद बस यूँ ही बद्द्बदाने की
कहने को तो ये अपनो की अपनो से लड़ाई है
पर जाकर कोई उनको देखे जिनके अपनो ने प्राण गवाई है
अगर हम अब भी न चेते तो देर बहुत हो जाएगा
हम यूँ ही देखते रहेंगे और देश टुकड़ो में बात जाएगा
पिट लेता हु अपना सर नेताओं की बाते सुन
उनकी संवेदनाये भी न जाने कहा है गुम
कहा गए वो लोअग जो लगाते है नक्सलियों के लिए मदद की गुहार
क्या उन्हें सुनने नहीं दे रही देशवासियों की करूँ पुकार
हर इक हमले के बाद खून के आंसू रोया हु मै
याकि मानिए कई कई रात चैन न सोया हु मैं
2 टिप्पणियां:
इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!
thanks SANGITA JI
एक टिप्पणी भेजें