दिल के दरवाजे पर दे दस्तक
जब उन्होंने बुलाया था
याद आता है वो दिन
दिल भी ये मुस्कुराया था
जाना था पहली बार
इस मीठे एहसास को
जब सुना था मैंने
उनकी मधुर आवाज को
तबसे तो मेरी दुनिया
है एकदम ही बदल गयी
ये धरती भी दिखती है
सजी सवारी नयी नयी
नदियों की कल; कल
जो पहले न तनिक थी लुभाती
आज वही आवाज दिल में
खुशियों की बरसात कराती
गमो की छाया भी अब
जीवन में न रही
याद आती है वो बाते जो
जो थी कही या अनकही
हर खिले फूल में
वही चेहरा नजर आता है
गुनगुनाने वाला भौरा भी
उनकी कहानी कह जाता है
अब जाकर ये समझा ये
बंधन कितना प्यारा है
बंध जाना भी जिसमे
लगता इतना प्यारा है
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें