मंगलवार, 13 अप्रैल 2010

नक्सलियों के हमलो पर दिल के उदगार

सानिया शोएब की शादी में उलझा हुआ है देश
इधर नक्सलियों के हमलो में रह जा रहे जवान खेत

सायद हमें आदत सी हो गयी है ,सच को यु छुपाने की
हर इक हमले के बाद बस यूँ ही बद्द्बदाने की

कहने को तो ये अपनो की अपनो से लड़ाई है
पर जाकर कोई उनको देखे जिनके अपनो ने प्राण गवाई है

अगर हम अब भी न चेते तो देर बहुत हो जाएगा
हम यूँ ही देखते रहेंगे और देश टुकड़ो में बात जाएगा

पिट लेता हु अपना सर नेताओं की बाते सुन
उनकी संवेदनाये भी न जाने कहा है गुम

कहा गए वो लोअग जो लगाते है नक्सलियों के लिए मदद की गुहार
क्या उन्हें सुनने नहीं दे रही देशवासियों की करूँ पुकार

हर इक हमले के बाद खून के आंसू रोया हु मै
याकि मानिए कई कई रात चैन न सोया हु मैं

2 टिप्‍पणियां:

संगीता पुरी ने कहा…

इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

bipin kumar pandey ने कहा…

thanks SANGITA JI