बुधवार, 21 अप्रैल 2010

सिक्षा का अधकार कानून पर

अब हर चंपा निश्चय ही
काले अछर चिन्हेगी
बदलेगी अब जीवन धारा
अब कबाड़ न बिनेगी

आ गयी है देश में
शिछा की एक नयी क्रांति
सायद अब दूर हो जाए
अज्ञान की फैली अशांति

अब छोटू,घिस्सू,नाथू,
जैसो के चेहरों पर chamak dikh रही
पाना चाहते है वो भी ज्ञान
इसकी उनमे ललक दिख रही

अब समाज का हर तबका
ज्ञान से आलोकित होगा
खिलेगी अब हर कलि
हर इक बच्चा पुलकित होंगा

पर ये सब बाते
कही स्वपन न हो जाए
सुरु होने के पहले ही
खत्म कही न हो जाए

गर देश को विकसित करना है
सर्व समाज को शिछित करना है
हमें अभी से लगाना होगा
पूर्ण न हो lakshya jab तक ,हमें नहीं रुकना होगा

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