हम है सरकार
नहीं किसी के विचारों
की
है हमे दरकार
जो मेरे साथ साथ चले
बस वही साथी है
मुझसे उलट चलने की सजा
गोली और लाठी है
जो जी में आएगा
हम वही करेंगे
लूटेंगे इस देश को
साथियो के घर भरेंगे
लूट डकैती भ्रस्ताचार
ये सब है मेरे सहचर
अनीति,बेशर्मी का हमने
प्रभु से
माँगा है वरदान कहकर
भूल के भी मेरे खिलाफ
कोई बात न कहना
सुन लो
जो हम कहे वही नियम है
इन बातो को हृदय में बुन लो
कहने को नक्सलवाद ,भाई भतीजावाद
हम मिटाते है
पर परोपकार के चलते
फिर से इन्हे जिलाते है
खत्म होगा हर विचार
खिलाफत करेगा जो हमारी
मत आना सामने कभी
आखिर
क्या औकात है तुम्हारी
पक्ष विपक्ष हम भाई भाई
इधर न देखो
तुम हो aam जन
मनमर्जी करने दो हमको
नहीं तो
लाठिया पड़ेंगी दनादन
गरीबो को मिटाकर करेंगे
अमीरों से प्यार
क्युकी
हम है सरकार
नहीं किसी के विचारों की
है हमे दरकार
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