शनिवार, 20 मार्च 2010

हँस दी

आखिर आज हस ही दी
हर एक औरत एक साथ
उनको मिल गया था जो
अपने अधिकारों का साथ
अपने अधिकारों के बल पर
हम बदल देंगी धरा सारी
समवेत स्वर में बोली
मिलकर आज औरते सारी

(राज्य सभा में महिला आरछ्ण विधेयक पास होने पर विशेष )

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