शनिवार, 20 फ़रवरी 2010

गरीबी

यह सच है की ठण्ड जब आती है
गरीबो को ही दहलाती है
धनिक लोग नहीं विचलित होते
रजाई तान आराम से सोते

ठण्ड से कापने का अधिकार
गरीबो का होता है
और इसे प्रयोग कर
कापते है ठण्ड से

पहनने के लिए सुद्ध चिथड़े
सोने के लिए सुद्ध चिथड़े
मजबूरी बस उनका प्रयोग करते है
बचने के लिए ठण्ड से

दूसरी तरफ धनिक वर्ग भी होता है
जो बिना इनके बारे में सोच
आराम से सोता है
अमीरों के तो कुत्ते भी
सुख उठाते अमीरों सा

क्या गरीब इस मामले
कुत्तो से भी गिरे होते है
जो केवल मजबूरी बस
खुले आसमान में सोते है

सायद इस सम्पूर्ण धरा पर
गरीबो की यही नियति है
और सायद धनिकों के लिए
गरीब वर्ग एक विप्पति हैं

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